NSG क्या है और इसका पूरा नाम

NSG क्या है और इसका पूरा नाम
  - किसी भी देश की सुरक्षा में उस देश के सुरक्षाबलों और पैरामिलिट्री फोर्स का बहद अहम योगदान होता है। फिर चाहे बात देश की आंतरिक सुरक्षा की हो या फिर सीमा पर दूसरे मुल्क से होने वाली घुसपैठ और आतंकी घटनाओं से देश की सुरक्षा की। यही वजह है कि भारत में भी भारतीय फौज के अलावा कई पैरामिलिट्री फोर्स हैं, जो लगातार देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रही हैं। आज हम ऐसी ही एक फोर्स के बारे में बात करने जा रहे हैं। जिसकी वजह से देश सुरक्षित महसूस करता है। हम बात कर रहे हैं- नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की। 

जी हां, देश की सुरक्षा में एनएसजी कमांडो भी बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। इस फोर्स में शामिल होने वाले कमांडो बेहद फुर्तीले और खतरनाक होते हैं। इन कमांडो की तैनाती ज्यादातर देश की महत्वपूर्ण शख्सियतों की सुरक्षा में की जाती है। इन महत्वपूर्ण व्यक्तियों पर कोई भी खतरा देखते हुए यह कमांडो अपनी जान की बाजी  लगाकर उनकी रक्षा करते हैं। आज हम आपको एनएसजी कमांडो के बारे में सबकुछ बताने जा रहे हैं, कि किस तरह से इनकी भर्ती होती है, कैसे यह कमांडो अपना काम करते  हैं, कैसे इन्हें ट्रेनिंग दी जाती  है और इनकी सैलरी क्या होती है?

NSG क्या है और इसका पूरा नाम

आपने कई बार किसी बड़े नेता या फिर चर्चित हस्ती की सुरक्षा में लगे हथियारों से लैस कुछ ऐसे कमांडो को देखा होगा, जो उनके चारों तरफ घेरा बनाए रहते हैं और काफी चौकन्ने होकर उनकी सुरक्षा करते हैं। इन्हीं कमांडो को एनएसजी कमांडो कहते हैं। एनएसजी का गठन देश में होने वाली आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए किया गया था। इस बल का गठन 16 अक्टूबर 1984 को किया गया था। अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान एनएसजी कमांडोज के लिए नारा दिया गया था- वन फॉर ऑल, ऑल फॉर वन। इस बल का पूरा नाम है- नेशनल सिक्योरिटी गॉर्ड। 

एनएसजी कमांडो बनने के लिए योग्यता और उनकी सैलरी

आपको बता दें कि एनएसजी कमांडो बनना आसान नहीं है। इन कमांडोज का चयन देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों में से किया जाता है। भारत की विभिन्न फोर्सेस में से उत्कृष्ट सैनिकों का चयन किया जाता है। जिसके बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। जो भी जवान इस ट्रेनिंग को पास करता है, उसे ही एनएसजी कमांडो बनने का मौका मिलता है। एनएसजी कमांडो बनने के लिए सबसे जरूरी है कि जवान शारीरिक और मानसिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ्य हो और इसके लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग को आसानी से पास कर ले। एक एनएसजी कमांडो की सैलरी 84236 रुपए से लेकर 244632 तक होती है।

आसान नहीं है ट्रेनिंग

एनएसजी कमांडो बनने के लिए जो ट्रेनिंग दी जाती है, वह कठिन हीं बल्कि बेहद कठिन होती है। एनएसजी में भर्ती होने के लिए एक जवान को 90 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन उससे भी पहले एक खास ट्रेनिंग होती  है, जिसमें जवान को 18 मिनट में 26 मुश्किलों को पार करना होता है। इसके साथ ही 780 मीटर की बाधाओं को पार करना होता है। जो भी जवान 25 मिनट के भीतर ही इन बाधाओं को पार कर लेते हैं, उन्हें 90 दिन की ट्रेनिंग के लिए चुन लिया जाता है। 

इस 90 दिन की ट्रेनिंग में जवानों को काफी कुछ सिखाया जाता है। इसके अलावा उन्हें पचास से बासठ हजार जिंदा कारतूसों को अपनी फायर प्रैक्टिस के दौरान प्रयोग में लाना होता है। साथ ही उन्हें पच्चीस सेकेंड के अंदर चौदह अलग-अलग टारगेट हिट करने होते हैं। ये सभी टारगेट अलग-अलग तरह से हो सकते हैं। इस 90 दिन की बेहद कठिन ट्रेनिंग को जो भी जवान आसानी से मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहकर पार कर लेता है, उसे एनएसजी में भर्ती कर लिया जाता है। 


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